Thikana Rajputana

राजपूताना का इतिहास, गीत और गौरव

Songs

Rajputi Chola Poem

 

Kunwar amit singh

 

समय के साथ -साथ जमाना बदल जाता है,

”खानपान” और ”रहन-सहन” पुराना बदल जाता है,

वक़्त की रफ़्तार में शख्स रंग बदल जाता है,

मत बदलो ”राजपूती-चोला”, जीने का ढंग बदल जाता है,,

 

”राजपूती-चोला” पहन कर गर्व महसूस होता है,

अपने सर पर वीर पूर्वजों का असर महसूस होता है.

साफा बंधकर जब चलते हैं वीर राजपूत,

उनको  अपने बाने पर फकर महसूस होता है,,

 

ज़माने के साथ बदलना, नहीं कोई गलत बात,

लेकिन उन चीजों को न छोड़ो जो हैं हमारे पूर्वजों की सौगात,,

इस बात पर करना सभी गहन सोच-विचार,

हमारा आचरण,आवरण उचित हो और अच्छा रहे व्यवहार,,

 

अपने रीति रिवाजों को बिलकुल मत भुलाना,

रूढ़ियाँ हैं तोडनी पर अच्छे विचारों को है अपनाना,,

हमारे ये रीति रिवाज सितारों की तरह हैं दमकते ,

इसीलिए तो राजपूत सबसे अलग है चमकते,

 

हम ऐरे गैरे नहीं, ”राजपूत” हैं ”अमित” इसका रखो ध्यान,

अपने शानदार ”राजपूती-चोले” का हमेशा करो सम्मान,,

 

———-मधु — अमित सिंह 

Story of Rajputi Chola

Er Vikram Nath Chouhan

लेखक

Er Vikram Nath Chouhan

Vikram Chouhan is a Professional Blogger, Creative Website Designer & Developer, SEO Expert from Udaipur, Rajasthan. He is also Extremely Passionate Creative Entrepreneur. If you are looking for create your Professional Website, Mail at ervikramnathchouhan@gmail.com.

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