Thikana Rajputana

राजपूताना का इतिहास, गीत और गौरव

Prithviraj Chauhan History In Hindi
कैमाश वध

Interesting facts and history of Prithviraj Chauhan

कैमाश वध

पृथ्वीराज के पुत्र रेणुसिंह और चामुंडराय के बीच बड़ी घनिष्टता की मित्रता थी. दोनों मामा भतीजे एक दुसरे को अत्यंत ही स्नेह दृष्टि से एक दुसरे को देखते थे.यह बात कितनो को ही खटक रही थी. एक दिन अवसर देख कर पुंडीर ने ये बात पृथ्वीराज से कही की मुझे कुछ डाल में काला मालूम होता है. चामुंडराय आपके पुत्र को अपने वश में कर दिल्ली में अधिकार करना चाहता है. यह सुनकर पृथ्वीराज ने चामुंडराय से उस समय तो कुछ नहीं कहा पर पुंडीर की ये बात उन्हें ह्रदय में चुभ गयी. इसके बाद घटना वश एक दिन पृथ्वीराज का एक हाथी खुल गया. उस हाथी ने कितनो को ही मार कर जगह जगह इधर उधर घूमने लगा. एक गली में उसका सामना चामुंडराय से हो गया. चामुंडराय के लिए भागने का स्थान नहीं था इसलिए उसने अपनी तलवार निकाली और उस हाथी की सूंड को काट दिया, सूंड के कटते ही वो हाथी जमीन में कराहकर गिर गया और वहीँ मर गया. जब पृथ्वीराज को साडी घटना का मालूम हुआ तब वो चामुंडराय में बहुत क्रोधित हुए और उसे तुरंत गिरफ्तार करने के लिए गुरुराम और लोहाना अजनुबाहू को भेजा. चामुंडराय की गिरफ़्तारी को सुनकर उसके मित्रों ने पृथ्वीराज के खिलाफ युद्ध करना चाहा परन्तु स्वामी भक्त चामुंडराय ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया. चामुंडराय ने सबको समझा बुझा कर शांत किया और अपने हाथों ही अपनी पैरों में बेड़िया बाँध लिया.

बस इसी समय से पृथ्वीराज की अध्य्पतन शुरू होती है. चामुंडराय को कैदकर पृथ्वीराज शिकार खेलने चले गए. इस समय सेनापति कैमाश पर दिल्ली का शाषण भार था.

एक दिन आकाश में खूब बदल छाए हुए थे वर्षा ऋतू थी, कैमाश अपने सिपाहियों के साथ कुछ जरुरी काम से राजमहल की ओर जा रहे थे. उस समय कर्नाटकी श्रींगार कर बैठी हुई वर्षा ऋतू का आनंद ले रही थी, देवयोग से कैमाश और कर्नाटकी की आंखे चार हो गयी. दोनों एक दुसरे से मिलने के लिए व्याकुल हो उठे. एक तो कर्नाटकी वैश्या की पुत्री थी और दूसरा पृथ्वीराज दिल्ली में न थे, इसके बावजूद कैमाश वर्षा ऋतू में कर्नाटकी पर मुग्ध हो गए, इतना बुद्धिमान और स्वामिभक्त होने के बावजूद भी कैमाश इतना बड़ा पाप से कैसे लिपट गया इसका पता नहीं लगता जो भी हो कैमाश रात्री के समय कर्नाटकी के पास जा पहुंचा, इस समय रानी इच्छन कुमारी के मन में कुछ संदेह हो गया. उसने चुपचाप इस बात का पता लगा लिया की कैमाश और कर्नाटकी के बीच अनुचित संबंध है. उसने तुरंत ही पृथ्वीराज के पास ये समाचार अपनी दासी के द्वारा भेजवा दिया. पृथ्वीराज चुपचाप उसी समय दासी की बातें सुनकर आ गए, उन्होंने अपनी आँखों से कैमाश और कर्नाटकी को एक साथ शयन किये हुए देखा. पृथ्वीराज ने उसी समय शयन कक्ष में घुसकर कैमाश को मारा, कैमाश वही परलोक सिधार गया, परन्तु कर्नाटकी किसी तरह बाख कर वहां से भाग निकली और सीधे जयचंद के पास पहुँच गयी. पृथ्वीराज ने तुरंत ही कैमाश को वही जमीन खोदकर गाड़ दिए और वापस शिकार गृह में लौट आये, यद्यपि ये काम पृथ्वीराज ने बहुत ही गुप्त तरीकों से किया था परन्तु चंदरबरदाई को किसी तरह ये बात मालूम हो गयी थी. अगले दिन पृथ्वीराज अपने शिकार गृह से लौट आये. और इधर कैमाश को हर तरफ खोजा जाने लगा. कैमाश को कहीं नहीं देखकर सभी सामंत बड़े चिंतित हो उठे.एक दिन दरबार में बैठकर पृथ्वीराज ने सबके सामने कवी चन्द्र से पुचा की राजमंत्री कैमाश कहाँ चला गया है क्या तुम बता सकते हो, कवी चन्द्र ने पहले तो ये सवाल पूछने से मना किया परन्तु पृथ्वीराज ने जब अपनी हठ नहीं छोड़ी तब कवी चन्द्र ने सारी बातें सभी सामंतों के सामने कह दी. पृथ्वीराज को भी अपना गलती को स्वीकार करना पड़ा. सभी सामंत पृथ्वीराज से बहुत नाराज हुए, दिल्ली की प्रजा में पृथ्वीराज के प्रति आक्रोश फ़ैल गया. एक वैश्या के कारण कैमाश मारा गया ये सुनकर सारी दिल्ली नगरी शोक में डूब गयी, कैमाश की पत्नी ये संचार सुनकर बहुत शोकाकुल हुई, बहुत प्राथना कर कवी चन्द्र ने पृथ्वीराज से कैमाश की लाश उसके पत्नी को दिलवा दिया. कैमाश को मार डालने के कारण पृथ्वीराज का बड़ा अपमान हुआ. इसके कारण दिल्ली में हड़ताल मच गयी थी. पृथ्वीराज को अपनी गलती का एहसास हो गया. उन्होंने बड़े प्यार से कैमाश के पुत्र के सर पर हाथ फेरा और हंशीपुर के परगने को उसी समय उसे सौंप दिया. पृथ्वीराज ने अपने सभी प्रजा और सामंतों से अपने किये पर माफ़ी मांगी और कहा की उस समय इर्ष्या के कारण मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गयी थी. अंत में सभी सामंतों और दिल्ली के प्रजा ने उन्हें माफ़ कर दिया हड़ताल ख़त्म हो गयी और सारा काम पहले की तरह चलने लगा.

Prithviraj Chauhan Biography

Er Vikram Nath Chouhan

लेखक

Er Vikram Nath Chouhan

Vikram Chouhan is a Professional Blogger, Creative Website Designer & Developer, SEO Expert from Udaipur, Rajasthan. He is also Extremely Passionate Creative Entrepreneur. If you are looking for create your Professional Website, Mail at ervikramnathchouhan@gmail.com.

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